Thursday, September 30, 2010

Some feelings in Hindi...

लम्हों की तकदीरे

लम्हो कि तक़्दीरो पे युन चल चले है ख्वाब
जाने क्यो आशाओं पे उचल पड़े है ख्वाब
बस रास्ते अजनबी चुन चले है ख्वाब

क्या गलत...

क्या गलत क्या सही
सच क्या है किसीको पता नहीं
ज़िन्दगी की गहराई में डूबता जा रहे है
कोशिशे हजारो किये जा रहे है
हर मोड़ पे धुन्द्ते है एक राह नयी
एक दिन मंजिल मिल जाएगी हमें कही ना कही

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